सहयोग की अपील

पानी और ऊर्जा क्षेत्र की गतिविधियों पर शोध, विश्‍लेषण और निगरानी हेतु 2001 में मंथन की स्‍थापना की गई। मंथन के शोध का मुख्‍य क्षेत्र अर्थव्‍यवस्‍था के उदारीकरण, भूमण्‍डलीकरण और निजीकरण के कारण हो रहे प्रभाव है।

लोकनीति संबंधी निर्णय प्रक्रिया बहुत ही जटिल और अलग तरह की समझ आधारित है। इससे संबंधित जानकारियॉं, जानकारियों के स्रोत और विश्‍लेषण की क्षमता ज्‍यादातर या तो सरकार के पास उपलब्‍ध है या फि‍र निजी कार्पोरेट क्षेत्र के पास। इस कारण जनहित में जननीतियों संबंधी गहन तथा प्रामाणिक शोध और विश्‍लेषण करने वाला समूह बहुत जरुरी है।

विकास गतिविधियों में कार्पोरेट क्षेत्र और बड़े निवेश के दखल के कारण निजीकरण को नए सिरे से आगे बढ़ाने और सामाजिक और पर्यावरण संबंधी कानूनों को कमज़ोर किए जाने के दौर में इस प्रकार की निगरानी बहुत जरुरी है।

विश्‍लेषण के अलावा मंथन नीतियों संबंधी चर्चाओं पर प्रभाव हेतु शोध के निष्‍कर्ष उपलब्‍ध करवाता है। यह गलत योजनाओं और कार्यक्रमों को चुनौती देने वाले संघर्षों और अभियानों में शामिल रहता है और उनका समर्थन करता है। साथ ही सही विकल्‍पों की वकालत करता है।

हमारा मानना है कि पिछले 12 वर्षों में इन विषयों पर हमारा महत्तवपूर्ण योगदान रहा है।

संसाधनों की जरुरत 

मंथन जैसे समूह के लिए सबसे महत्तवपूर्ण चुनौती है संसाधन जुटाना। छोटा समूह होना, मानवाधिकार हनन या पर्यावरणीय विनाश के जिम्‍मेदारों से सहयोग नहीं लेने का निर्णय, प्राय: सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति आलोचनात्‍मक रुख जैसे कारणों से आर्थिक सहयोग जुटाना कठिन होता है।

हालांकि मंथन का प्रयास अल्‍प बजट में काम जारी रखने का है लेकिन महंगाई, बढ़ता हुआ प्रवास खर्च और बेहतर तकनीकी उपकरणों (जैसे जीआईएस) और तकनीक के उपयोग से संसाधनों की जरुरत बढ़ गई है।

मंथन राजनैतिक और नैतिक दृष्टि से समविचारी लोगों और समूहों/संस्‍थानों से ही सहयोग चाहता है। मंथन की शुरुआत में सरोकारी मित्रों और शुभचिंतकों के सहयोग से मंथन का काम जारी रहा। पिछले कुछ वर्षों से हम अर्घ्‍यम (बैंग्‍लौर), जमनालाल बजाज फाउण्‍डेशन (मुंबई), एजेडब्‍लूएस (अमेरिका) से भी संस्‍थागत सहयोग प्राप्‍त हुआ है। इसके बावजूद मंथन को व्‍यक्तिगत सहयोग भी जारी रहा। इस सहयोग के अलावा अन्‍य अनेक स्रोतों से प्राप्‍त सहयोग के कारण मंथन का काम समाज में जारी रह पाया।

अत: हम मंथन के अगले 2 वर्षों के कार्यों के लिए आपसे सहयोग करने और सहयोग जुटाने में मदद करने की अपील करते हैं। इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी और सुझावों के लिए अवश्‍य संपर्क करें। आपके सकारात्‍मक उत्तर की प्रतीक्षा में।

 ( श्रीपाद धर्माधिकारी )                                   ( रेहमत )                                     ( गौरव द्विवेदी )